INTERVIEW!! नग्न सीन करने को तैयार कोमिला विर्क

मायापुरी अंक, 55, 1975

आज दुनिया ने अपनी सहूलियत के लिए हर काम के लिए ‘शॉर्ट कट’ बना रखे है। फिल्मों में प्रसिद्धि पाने का शॉर्ट कट शरीर प्रदर्शन है। शर्मिला टैगोर से लेकर कोमिला विर्क तक इस फॉर्मूले पर चलती आई हैं। कोमिला विर्क ने अभी तक फिल्मों में चाहे कोई स्थान न बनाया हो किंतु पत्र-पत्रिकाओँ में उसके फोटो इस कदर छपते है कि शायद आज किसी टॉप की हीरोइन के भी नही छपते। यही कारण था कि मैं कोमिला विर्क को इंटरव्यू करने के लिए मज़बूर हो गया।
कोमिला से फोन पर समय लेकर जब मैं उसेक फ्लैट पर पुहंचा तो पता चला कि रात घर पर पार्टी थी इसलिए वह लेट सोई है। ड्राइंग रूम में फूलों के बुकों का ढेर इस बात की गवाही दे रहा था कि रात वाकई वहां कोई पार्टी दे रहा था लेकिन इसके बावजूद वह उठ कर हमारे सामने आ बैठी नाइट लिबास से उसके शरीर का ऊपरी भाग उससे बगावत करके दावते नज़ारा दे रहा था।
आजकल पत्र-पत्रिकाओँ में आपके जिस प्रकार के फोटो छप रहे है उससे लगता है कि आप पब्लिसिटी के मामले में खूब दिल खोलकर हिस्सा ले रही है मैंने बातचीत शुरू करते हुए कहा क्या पब्लिसिटी के लिए इससे हट कर कोई रास्ता नही हो सकता? मैंने एक इंगलिश पत्रिका में छपे उसके पोज़ को चर्चा का विषय बना कर कहा।
देखिए, मैं मॉडर्न लड़की हूं। मैं हर प्रकार के लिबास पहनती हूं। आप किस पोज़ की चर्चा कर रहे है। उसमें मैं पूर्ण नग्न नही हूं। यह फोटोग्राफर के एंगल का कमाल है। दरअसल जब तक बोल्ड फोटो न हो तो लोग देखना तो दूर रहा अखबार वाले किसी नई लड़की का फोटो छापना भी पसंद नही करते। यही कारण है कि पिछले दिनों मेरे जितने फोटो भी फोटोग्राफरों ने लिए थे, वे सारे के सारे अखबारों में खूब बड़े-बड़े होकर छपे है। आज मैं नई हूं तो आप लोग इस तरह की बातें करते है वरना मुझसे पूर्व शर्मिला, सायरा आदि भी बिकनी में फोटो दे चुकी हैं। मैंने भी दे दिया तो कौन-सी बड़ी बात हो गई कोमिला ने बताया।
जिस तरह पब्लिसिटी के मामले में ऐसा बोल्ड स्टेप उठाया है क्या आप फिल्मों में ऐसे पोज देंगी? मेरा मतलब न्यूडिटी और किसिंग आदि से है।
मैं मॉडर्न जरूर हूं लेकिन पूर्ण न्यूड सीन तो नही करूंगी। दरअसल कल्चर इस बात की इज़ाजत नही देता। मैं इसीलिए वेस्ट की अंधाधुंध नकल के खिलाफ हूं। मैं शराब पीने और सिगरेट पीने को मॉडर्न नही समझती कोमिला ने कहा।
अगर आपको सिद्धार्थ में सिम्मी वाला रोल दिया जाता या मेरा नाम जोकर जैसा सीन करने को दिया जाए तो आप करेंगी। मैंने पूछा।
क्यों नही अगर कहानी डिमांड करती है और निर्देशक कन्विस कर देता है तो मुझे ऐसे रोल करने में कोई आपत्ति नही होगी। न्यूडिटी अपने तौर पर अश्लील नहीं है उसे किस प्रकार पेश किया जाता है, उसी से गंदगी पैदा होती है। अगर निर्देशक की नियत बुरी नही है तो कितना ही बोल्ड सीन हो वह आर्टिस्टिक ही लगेगा, कोमिला ने कहा।
इम्तियाज, ने पिछले दिनों जो लेख छपवाया था, उसके बारे में क्या अपने कोई एक्शन लिया? वह गॉसिप वालों की शरारत है या पब्लिसिटी स्टंट? मैंने पूछा।
दिल्ली से मैं यहां अपना कैरियर बनाने आई हूं। अभी इस स्थान पर नही पहुंची हूं कि किसी के खिलाफ कोई एक्शन ले सकूं। इस सूरत में लोग मुझ पर ही उंगलियां उठाएंगे यह तो इंडस्ट्री के कर्ता धर्तोओं का काम है कि वे एक्शन लें और सुना है कि उसके खिलाफ एक्शन लिया गया है। उसी मैगज़ीन में अपॉलॉजी छपी भी है। गॉसिप को बुरा नहीं समझती लेकिन शर्त यही है कि वह किसी सीमा में होना चाहिये। उससे किसी का दिल नही दुखना चाहिये। अन्यथा मेरे बारे मे कोई कुछ लिखे मैं किसी बात को सीरियसली नही लेती। कोमिला ने अपने मॉडर्न होने का प्रमाण देते हुए कहा। आप को मालूम है इम्तियाज़ को यह घटिया स्टंट बड़ा महंगा पड़ा है। उसे अगर पब्लिसिटी लेनी थी तो अपने नाम से लेता। हम लोगों के नामों का सहारा नही लेना चाहिये था। उसकी इस हरकत पर रेखा ने उसे अपनी सारी फिल्मों से कट कर दिया है। उसके एक्शन लेने पर जी.पी. सिप्पी ने भी उसे बड़ी डांट पिलाई है। शत्रुघ्न सिन्हा ने भी उसकी फिल्म ‘चोर स्वामी’ रूकवा दी है। क्योंकि उसने एक इंटरव्यू में शत्रु पर खाक डालने की कोशिश की थी। कोमिला ने सहर्ष जानकारी देते हुए कहा।
आपको इस इंडस्ट्री में आए कितना समय हो गया है? किस प्रकार आपको फिल्में मिलना शुरू हुई। कुछ इस पर प्रकाश डालिये। मैंने कहा।
मुंबई आए अभी केवल तीन ही साल हुए है। शुरू में सबने ही डिसक्रेज किया, जिससे मैं मॉडलिंग में निकल गई। उसी दौरान देव आनंद ने मुझे मिस मुंबई का ताज पहनाया था, एक महीने बाद उन्होंने फोन करके मुझे बुलाया और ‘इश्क इश्क इश्क’ के लिए अनुबंधित कर लिया। ऐसे ही अब्बास साहब (के. अब्बास) ने मेरा कहीं फोटो देखा तो संदेशा भिजवाया, मैं गई, बातचीत हुई। एक दिन बाद बुलाया और ‘फासला’ के लिए साइन कर लिया। इसी प्रकार बृज कत्याल जी से मिली तो एक हफ्ते के अंदर उन्होंने भी प्रेमिका के लिए साइन कर लिया था। अभी तक फासला ‘इश्क इश्क इश्क’ और चोरी मेरा काम रिलीज़ हो चुकी है किंतु मेरा काम हौच पौच होकर रह गया था। इनसे मुझे कोई फायदा नही हुआ। हालांकि साइन करते वक्त सब अच्छी लगी थी। कोमिला ने बताया मैं यहां हीरोइन बनने आई थी किंतु समय निकालने के लिए जो फिल्म मिली ले ली। अब के.ए. नारायण की फिल्म वृंदावन में हीरोइन का रोल मिला है। जो कि नाडिया टाइप का है किंतु मैं ऐसे ही रोल करना चाहती हूं एक ऐसा ही रोल राजेश खन्ना की 007 में मिला है।
हमने सुना है कि 007 में पद्मिनी के अलावा राजेश खन्ना ने अन्य दोनों लड़कियों (केटी मिर्जा और कोमिला) के रोल कम करवा दिये है? मैंने पूछा।
पद्मिनी मेरे साथ काफी फ्रैंडली है। उसने ऐसा कुछ नही बताया। हम तीनों एजेंट है और तीनों के बराबर के रोल है। भोली कोमिला ने बताया (वह यह भूल गई कि राजेश ने पद्मिनी को हीरोइन बनाया है उसे रोल भी वैसा ही दिलवाएगा।)
आपने जो बोल्ड फोटो छपवाए थे उनका क्या आपको कुछ फायदा हुआ? मैंने पूछा।
क्यों नही उसके बाद मैंने आठ फिल्में साइन की। मैंने फरवरी जुलाई तक बारह फिल्में साइन की थी आज कुल बीस फिल्मों में काम कर रही हूं कोमिला विर्क ने बताया।
आप फिल्मों में किस प्रकार के रोल कर रही है और स्वंय किस प्रकार के रोल करना चाहती है? मैंने पूछा।
फिलहाल तो पसंद का सवाल ही नही पैदा होता। इस वक्त हर प्रकार के रोल कर रही हूं जिनमें महागुरू में एक तवायफ का रोल है। ‘ड्रीम गर्ल’ में धर्मेन्द्र की पहली प्रेमिका का रोल कर रही हूं प्रेमनाथ और डी.डी कश्यप मिलकर वाजिद अली शाह बनाने वाले है। जिसमें मैं वाजिद अली शाह की बेगम का रोल करने वाली हूं वाज़िद अली शाह प्रेमनाथ होंगे। कोमिला ने बताया हां एक फिल्म ऋषि की भी करने वाली हूं।
आप अकेली रहती है। क्या आपको अकेलापन अखरता नही है? अपना समय कैसे काटती है? मैंने पूछा।
मुझे अकेलापन अखरता नही है। मेरे साथ मेरी मम्मी और कज़िन सिस्टर रहती है फिर मेरी कुछ गैर फिल्मी सहेलियां वह आ जाती है और अगर कोई नही होता तो नॉवल पढ़ा करती हूं।
आपके पसंदीदा कलाकार कौन कौन है?
हीरोज़ में राजेश खन्ना, धर्मेन्द्र और हीरोइनों में जया, शर्मिला, वहीदा रहमान और मुमताज मेरे फेवरेट स्टार्स है।
आप किसी खास निर्देशक के साथ काम करने की इच्छुक है?
जी हा, मेरी रिषि दा (ऋषिकेश मुखर्जी) और गुलज़ार के साथ काम करने की बड़ी तमन्ना है।
अच्छा यह बताइये हिंदी फिल्मों में हीरोइनों को जिस अंदाज से प्रस्तुत किया जा रहा है उसके बारे में आपका क्या ख्याल है?
हिंदी फिल्मों में औरतों की महत्ता बहुत कम है। हेमा मालिनी के अलावा सबके रोल बरापु य-नाम होते है। पता नही यह हमारा दोष है या निर्माताओं को हीरोइन ओरियेंटिड कहानियां नही मिलती है। हीरोइनों को तो डेकोरेटिड पीस बना कर रख दिया गया है। कोमिला ने खेद पूर्वक अपना विचार प्रकट करते हुए कहा।
क्या आप ‘मायापुरी’ पढ़ती है? बाकायदा खरीद कर पढ़ती हूं और इसलिए पसंद करती हूं कि वह पीली पत्रकारिता से पाक है। इसके मैटर के साथ इसके स्थाई कॉलम बहुत रोचक है कोमिला विर्क ने कहा,
इंटरव्यू खत्म करके हम उठने लगे तो इतने में नौकरानी चाय लेकर आ गई। चाय खत्म की तो कोमिला रात के बुके उठा लाई। बोली इतने सारे बुके जमा हो गए है कि अगर दुकान लगाना चाहूं तो बहुत बड़ी दुकान लग जाए लेकिन ऐसा हो नही सकता लीजिए एक-एक आप लेते जाइये। रात मैंने बर्थडे पार्टी मनाई जरूर लेकिन खालिस घरेलू अंदाज में बहुत दिनों से लोगों के यहां शरीक होती आई थी उनका बदला चुकाना था इसलिए मना ली। लेकिन अक्तूबर में मैं खालिस फिल्मी पार्टी दूंगी उसमें आप जरूर आइयेगा कोमिला ने पेशगी दावत देते हुए कहा।
हम वहां से रूख्सत हुए तो उसकी बातों की मिठास हमारे कानों में, फूलों की खुशबू दिमाग में बसी हुई थी। उसके अभिनय की महक तो उसकी आने वाली फिल्में देखकर ही मालूम होगी। उसकी चंद खास फिल्में यह है ड्रीम गर्ल, महागुरू, बुलेट, 007, हेरा फेरी, अमर अकबर एंथनी, दरिन्दा, छोटी सी बात, चोर सिपाही, जिंदा, दुनिया मेरी जेब में और वृंदावन व राज करेगा खालसा (पंजाबी) इन आखिरी दो फिल्मों में वह हीरोइन का रोल कर रही है फिल्में देखकर यदि आप कोमिला विर्क को पत्र लिखें तो उसे बड़ी खुशी होगी।