INTERVIEW: मैंने अभिनय की कोई ट्रेनिंग नहीं ली – नेहा शर्मा

भागलपुर, बिहार निवासी नेहा शर्मा की अब तक की अभिनय यात्रा काफी रोचक रही है. भागलपुर से दिल्ली पहुंचकर पढ़ाई करने के बाद उन्होंने ‘निफ्ट’ से फैशन में डिप्लोमा किया. उसके बाद अपने डाँस के षौक के चलते उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने की बात सोची. उन्हें सबसे पहले 2007 में प्रदर्शित तेलगू फिल्म ‘चिरूथा’ व 2009 में प्रदर्शित फिल्म ‘कुराड़ू’ में अभिनय करने का मौका मिला. यह दोनो ही फिल्में सुपर डुपर हिट रही.मगर जब से उन्होंने हिंदी फिल्मों में कदम रखा है, तब से स्ट्रगल ही कर रही हैं. वह अब इमरान हाशमी के साथ ‘क्रुक’ के अलावा ‘तेरी मेरी कहानी’, ‘क्या सुपर कूल हैं हम’, ‘जयंताभाई की लवस्टोरी’, ‘यमला पगला दीवाना’ और ‘तुम बिन 2’ जैसी फिल्में कर चुकी हैं. पर उन्हे अभी तक आपेक्षित सफलता नही मिल पायी. यह एक अलग बात है कि नेहा शर्मा का दावा है कि वह अपने करियर की प्रगति से खुश हैं।

आपने कब सोचा कि आपको अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाना है?

मैं मूलतः भागलपुर, बिहार की रहने वाली हॅूं. पर मेरी उच्च शिक्षा दिल्ली में हुई. मुझे बचपन से ही नृत्य का शौक रहा है.मैंने कत्थक नृत्य की विधिवत ट्रेनिंग ली है. इसके अलावा मैने जॉज, सालसा, स्ट्रीट हिप हॉप जैसे कई वेस्टर्न डॉंस के फार्म की भी ट्रेनिंग हासिल की. दिल्ली में मैंने ‘निफ्ट’से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया. इसी बीच मुझे मॉडलिंग का मौका मिला. मॉडलिंग करते करते अचानक मुझे एक तेलगू भाषा की फिल्म ‘चिरूथा’ में अभिनय करने का मौका मिल गया. जो कि 2007 की सफल फिल्म थी.दो साल बाद मेरी दूसरी तेलगू फिल्म ‘कुराड़ू’ रिलीज हुई. इस फिल्म के रिलीज होते ही मुझे ‘विशेष फिल्मस’ की फिल्म ‘क्रुक’ में इमरान हाशमी के साथ अभिनय करने का मौका मिला. तब से मुझे पीछे मुड़कर देखने की जरुरत नहीं पड़ी।

अब अपने करियर को लेकर क्या कहेंगी?

कोशिश कर रही हूं कि पिछली फिल्म से बेहतर काम करके दिखाऊं. मैं चाहती हूं कि लोगों को मेरा काम पसंद आए. मगर मैं अपने अब तक के करियर को लेकर बहुत खुश हूं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि हर इंसान के लिए सफलता के मायने अलग होते हैं. आपके लिए जो सफलता के मायने हैं, वही मेरे लिए हों,ऐसा जरूरी नहीं है. मेरी सफलता का सबसे बड़ा पैमाना यह है, कि मैं जो कुछ करना चाहती हूं,जिस तरह का काम करना चाहती हूं, उसे करने का मुझे अवसर मिले.मैं अपने आपको लक्की मानती हूं कि मैं खुद से अपनी फिल्में चुन सकती हूं.मैं हमेशा वही काम करती हूं,जिसे करने के लिए मेरा दिल कहे.जो मैं कर रही हूं उससे खुश हूं. मुझे लगता है कि जिंदगी में काम ज्यादा और आराम कम करना चाहिए. तो मेरी कोशिश यही है कि मैं बहुत सी फिल्में करूं. पर सब अलग तरह की हों, जिससे मेरे अंदर की अभिनय कला का विकास हो सके. आपको याद होगा कि मैंने अभिनय की कोई ट्रेनिंग नहीं ली है.जो कुछ सीखा है, काम करते हुए सीखा है।

आपकी पिछली फिल्म ‘तुम बिन 2’ को सफलता नहीं मिली, जो कि अपने समय की सुपर डुपर हिट फिल्म ‘तुम बिन’ की सीक्वल फिल्म है?कहां गड़बड़ी हो गयी?

मुझे पता है कि सारे बुद्धिमान फिल्म आलोचकों ने फिल्म ‘तुम बिन 2’ की कमियों को गिनाते हुए पन्ने भरभर कर बहुत कुछ लिखा था.कुछ लोगों ने चार चार पन्ने लिख दिए थे कि इसमें यह गलत हो गया है. मैंने किसी भी फिल्म आलोचक की कोई बात नहीं पढ़ी. मैं फिल्म समीक्षा पढ़ना ही नहीं चाहती. मेरा काम अभिनय करना था,मैंने ईमानदारी से अपने काम को अंजाम दिया था. मैंने ‘तुम बिन 2’ के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की थी. काफी सर्द मौसम में जाकर शूटिंग की थी. शूटिंग के समय काफी तकलीफ उठायी थी. इसके बावजूद फिल्म नहीं चली.अब कहां क्या गड़बड़ी हुई, मुझे पता नहीं और ना ही मैंने जानने की कोशिश की।

इन दिनों कौन सी फिल्में कर रही हैं?

अनीस बज़मी की फिल्म ‘मुबारकां’ कर रही हूं. जिसमें अनिल कपूर और अर्जुन कपूर हैं. इस फिल्म में मेरा स्पेशल अपियरेंस हैं. यह फिल्म 28 जुलाई को प्रदर्शित होगी. इसके अलावा तीन दूसरी फिल्में भी हैं, जिन पर बातचीत चल रही हैं। मैं भी इन फिल्मों में काम करना चाहती हूं. पर जब तक सब कुछ तय ना हो जाए, बताना ठीक नहीं है. पर यह तीनों फिल्में मुझे मिलेगी, ऐसा यकीन है।

 ‘मुबारकां’ में ऐसी क्या बात है कि आपने स्पेशल अपियरेंस के लिए भी हामी भर दी?

मैं फिल्म निर्देशक अनीस बजमी की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं. मैंने उनकी सारी फिल्में देखी हैं. मैं उनके साथ काम करना चाहती थी. क्योंकि वह बहुत मजेदार कॉमेडी वाली फिल्में बनाते हैं. जब मुझे उनकी तरफ से इस फिल्म में काम करने का प्रस्ताव मिला और मुझे बताया गया कि इस फिल्म में अनिल कपूर, अर्जुन कपूर जैसे कई दिग्गज कलाकार हैं, तो मैंने इस मौके को गंवाना उचित नहीं समझा.मुझे लगा कि मेरे पास समय है, तो इससे अच्छा मौका क्या हो सकता है।

फिल्म में आपका किरदार क्या है?

बहुत ज्यादा विस्तार से बताना तो ठीक नहीं होगा. लेकिन यह फनी फिल्म है. मेरा किरदार भी फनी है. मैं लोगों को इस फिल्म में हंसाऊंगी. क्योंकि पूरी तरह से हंसी मजाक वाला मामला है।

अनिल कपूर और अर्जुन कपूर के संग काम करने के अनुभव क्या रहे?

मैंने अनिल कपूर और अर्जुन कपूर दोनां के साथ पहली बार फिल्म ‘मुबारकां’ में अभिनय किया है. इनके साथ काम करना अपने आप में फन रहा. शूटिंग खत्म हो चुकी है और मैं बहुत उत्साहित हूं।

इन दिनों तमाम फिल्मी कलाकार टीवी से जुड़ रहे हैं. कुछ कलाकार वेब सीरिज से जुड़ रहे हैं. आप भी इस दिषा में कुछ कर रही हैं?

नहीं!! फिलहाल मेरे पास ऐसा कोई रोचक प्रस्ताव आया नहीं है. कुछ समय पहले मैंने मनोज बाजपेयी के साथ शिरीष कुंदर के निर्देशन में एक लघु फिल्म ‘कृति’ जरूर की थी. पर जब भी कोई अच्छा प्रस्ताव आएगा, मैं जरूर करना चाहूंगी. यदि भविष्य में मेरे सामने अच्छी लघु फिल्म का ऑफर आया, तो वह भी मैं करना चाहूंगी।

आप भी दूसरे कलाकारों के पदचिन्हों पर चलते हुए अपना एैप लेकर आयी हैं?

मैं अपने एैप को बाजार में लाकर उत्साहित हूं.क्योंकि मैं हमेशा चाहती थी कि ऐसा कोई माध्यम हो या ऐसा कोई प्लेटफार्म हो, जिससे मैं अपने फैन्स के संग गहरायी से जुड़ सकूं. उन्हें अच्छा और बेहतरीन कंटेंट दे सकूं. भविष्य कंटेंट पर निर्भर करता है. मोबाइल एक ऐसा प्लेटफार्म बन गया है, जो कि कंटेंट उपलब्ध कराने के साथ साथ फैन्स के साथ जुड़ना आसान करेगा. मेरी राय में मेरा एैप मेरी जरूरतों के अनुसार है.जिस पर मेरा अपना अधिकार रहेगा. एैप में असीमित संभावनाएं हैं।

पर इस तरह के नए नए ट्रेंड का क्या असर होता है?

जब भी फिल्म इंडस्ट्री में कोई नया ट्रेंड आता है, तो वह आग की तरह फैलता है. कुछ इस आग में झुलस जाते हैं और कुछ इस आग में तपकर सोना बनकर निखरते हैं. यह जानना बहुत जरुरी होता है कि आपके एैप में क्या खास बात है।

आपके एैप में क्या खास बात है?

हमने अपना जो एैप लांच किया है, उसमें बहुत कुछ अमैजिंग चीजें हैं. मुझे पूरा यकीन है कि लोग इंज्वॉय करेंगे।

आपके इस एैप से आपके करियर को कितना फायदा होगा?

 इस संबंध में मैं कुछ नहीं कह सकती. क्योंकि एैप तो मेरे और मेरे फैन्स के बीच संपर्क का सेतु है।

किस तरह के किरदार निभाना चाहती हैं?

कोई सीमा रेखा तो खींची नहीं है. मगर मैं संजीदा किस्म के या गंभीर किस्म के किरदार फिलहाल नही निभाना चाहती. मैं हम उम्र के हल्के फुल्के किरदारों को ही निभाना चाहती हूं. रोमांटिक किरदारां को निभाना चाहती हूं।

क्या आप किसी सीमा में बंध कर काम कर रही हैं?

मैं बिहार के छोटे से षहर से आयी हूं. एक कंजरवेटिव परिवार से हूं. मैं व मेरे परिवार के सदस्य दकियानूसी हैं. इसलिए मैं बहुत सी चीजें पर्दे पर नहीं कर सकती. मेरा मानना है कि जिन चीजों को आप पर्दे पर करने में सहज नहीं है. वह करेंगी, तो वह रीयल नहीं लगेगा।

लेकिन आप तो एडल्ट कॉमेडी फिल्म  का भी हिस्सा रह चुकी हैं?

मैंने कहा कि मैं जिसमें सहज होती हूं, वही परदे पर करती हूं।

दक्षिण भारत की फिल्में नहीं कर रही हैं?

मुझे हर भाषा की फिल्में करनी हैं. बशर्ते उनका कंटेंट व कहानी मुझे पसंद आ जाए. मैंने तो इंडो चाइनीज फिल्म ‘व्हेनसाँग’ भी की हैं।

आपकी महत्वाकांक्षा क्या है?

जैसा कि मैंने पहले ही कहा मुझे ढेर सारे चरित्र निभाने हैं. अभी तो मेरे करियर की शुरूआत हुई है. मुझे उम्मीद है कि अभी मेरी राह में तमाम ऑफर आएंगे. मैं यह भी अच्छी तरह से समझती हूं कि मैं उस मुकाम पर नही हूं, जहां शाहरूख खान या सलमान खान हैं. इन सभी कलाकारों ने बीस पच्चीस साल के करियर में दो तीन सौ फिल्में की हैं. तो जब मैं उस मुकाम पर पहुंचूंगी, तो शायद मैं लोगों से कह सकूंगी कि मुझे यह किरदार या यह फिल्म करनी है. पर सच यही है कि जो दूसरे कर रहे हैं, उनसे मैं कुछ अलग काम करना चाहती हॅूं.मेरी कोशिश होती है कि मैं जो भी किरदार निभाऊं, वह मेरे लिए ड्रीम रोल साबित हो. इसके लिए मैं अपनी तरफ से पूरी मेहनत करती हॅूं।

 आप तो राजनीतिक परिवार से हैं, तो राजनीति का हिस्सा नहीं बनना?

राजनीति में मेरी कोई रूचि नहीं है. मुझे अभिनय में ही मजा आ रहा है. मुझे डाँस का बेहद शौक है. मैंने फैशन डिजाइनिंग की है. एक दिन अपना खुद का फैशन लेबल शुरू करने वाली हॅूं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *