हैप्पी बर्थडे एसीपी प्रद्मुमन उर्फ़ शिवाजी साटम 

सोनी टीवी के मशहूर शो सीआईडी में एसीपी प्रद्मुमन शिवाजी साटम  का जन्म 21 अप्रैल 1950 को देवगढ़ महाराष्ट्र में एक महाराष्ट्रियन फैमिली में हुआ था । इनके पिता एक टेक्सटाइल मिल में अच्छी पोजीशन पैर थे व माँ एक हाउसवाइफ थी वहीँ इनका एक छोटा भाई भी है जिसका नाम प्रकाश साटम है ।इन्होने अपनी ग्रेजुएशन मुंबई यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री में किया था और उसके बाद इन्होने बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिप्लोमा किया ।

अगर हम शिवाजी साटम  की पर्सनल लाइफ की बात करें तो इनकी शादी एक ऑरेंज मैरिज थी और इनकी पत्नी का नाम अरुणा साटम था जो की स्टेट लेवल की कबड्डी प्लेयर थी और उन्हें ‘छत्रपति अवार्ड से भी नवाज़ा गया था , लेकिन बदकिस्मती से अरुणा की डेथ ब्रैस्ट कैंसर के चलते सन 2000 में हो गई व इनके दो बेटे भी हैं अनिरुद्ध साटम जो थिएटर से जुड़े हुए हैं और दूसरे अभिजीत साटम जो की मराठी मूवीज़ के प्रोडूसर हैं।

शिवाजी साटम  ने अपना करियर सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया में कैशियर के रूप में शुरू किया था जहां इन्होने 23 साल काम किया उसी दौरान ये बैंक के प्रोग्राम में होने वाले कई ड्रामो में पार्ट लेते थे उसके बाद इन्होने थिएटर भी ज्वाइन किया जहाँ इन्होने अपने एक्टर को पहचाना और उसे निखारा भी । इन्ही ड्रामो के दौरान इन्हे एक प्रोडूसर ने देखा और 1980 में इन्हे टीवी का पहला सीरियल ऑफर किया जिसका नाम था “रिश्ते नाते” उसके बाद इन्होने कई टीवी सीरियल और भी किये जैसे सीआईडी (1998 – 2017), तारक मेहता का उल्टा चश्मः (जुलाई, 2014), , एक शुन्य , शुन्य लेकिन इन्हे पहचान मिली सीआईडी से जिसमे इन्होने एसीपी प्रद्मुमन का किरदार निभाया और वो इतना मशहूर हुआ की उसने इनके लिए बॉलीवुड के दरवाजे खोल दिए

 बॉलीवुड में शिवाजी साटम  ने पेस्तोंजी फिल्म(1987) से डेब्यू किया , उसके बाद इन्होने कई फिल्मे की जैसे इंग्लिश अगस्त (1994), यशवंत (1997), ग़ुलाम-ए-मुस्तफा (1997), विनाशक (1998), युगपुरुष: अ मैन  हु कम्स जस्ट वन्स इन अ वे (1998), चाइना गेट (1998), वजूद (1998), हु तू तू (1999), दाग: दी फायर  (1999), सूर्यवंशम (1999), वास्तव (1999), स्प्लिट वाइड ओपन (2000), पुकार (2000), बाघी (2000), निदान (2000), जिस देश में गंगा रहता हैं (2000), कुरुक्षेत्र (2000), जोड़ी नंबर 1 (2001), एहसास: दी फीलिंग (2001), नायक: दी रियल हीरो (2001), पिताः (2002), हथ्यार (2002), फिलहाल… (2002), प्राण जाये पर शान न जाये (2003), बर्दाश्त (2004), गर्व: प्राइड एंड ऑनर (2004), उत्तरायण (2005), विरुद्ध (2005), टैक्सी नंबर. 9211 (2006), दे धक्का (2008), हापुस (2010), कार्बोन (2015) आदि और अभी ये टीवी पर ही काम कर रहे हैं।